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मेरे दिल की आरज़ू है क्या …………..

 मेरे दिल  की आरजू है क्या, तेरी मुस्कुराहट की एक प्यारी झलक

 तू जो मेरे लिए है वो कोई नहीं, बस तेरी आरज़ू में ही जीता हूं मैं

 वो हंसना तेरा वो चेहकना तेरा, जिद करना तेरा वो मचलना तेरा

 मेरी जा कहूं क्या मुझको भाता है सब, वो नखरा तेरा वो गुस्सा तेरा।

 तेरे साथ काटे वो सारे ही पल, है अब तक मेरी एक एक सांस में

 वो हर एक अदा नाजो नखरा तेरा, वो सीने से आकर लिपटना तेरा ।

 वो सर को मेरे ढकता आंचल तेरा, चेहरे पर गिरती हुई जुल्फे तेरी वो शर्मो-हया दरमियाना तेरा।

वो शिकवा गिला वो नाराजगी, दो पल में रुठ के मान जाना तेरा ,

वो चंचल अदाएं वो संजीदगी ,अपनी बातों से मुझको हंसाना तेरा।

 तू है मेरी अभी और रहेगी सदा, है तुझसे ओ प्रियतम ये वादा मेरा।

 मेरी जा कहूं क्या फसाना तेरा, जो बन ही गया हूं दीवाना तेरा|

गौरव भार्गव 

Believer

 
 
 

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